विवाह में बाधा / देरी:- आजकल के समय में करोडो लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं कि आखिर सब कुछ ठीक होने के बावजूद भी विवाह आखिर क्यों नहीं हो पा रहा है। हम देखते है की उम्र निकलती ही जा रही होती है, रिश्ते आते भी हैं लेकिन टूट जाते हैं, या फिर बात पक्की होते-होते ही रुक जाती है। अधिकतर लोग इसे ग्रह-दोष या कुंडली से जोड़ते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बहुत बार व्यक्ति का नाम भी विवाह में बाधा का कारण बन सकता है? ज्योतिष शास्त्र और अंक शास्त्र के अनुसार भी हमारा नाम केवल पहचान ही नहीं होती बल्कि यह उस सम्बंधित व्यक्ति के जीवन की सोच, व्यवहार,दिशा और भाग्य को भी प्रभावित करता है।
सबसे पहले हम ये जानते है की नाम के अंक भी विवाह में बाधा उत्पन करता है अंक ज्योतिष में विवाह बाधा के संकेत समझते है
नाम का अंक समस्या 4 अचानक रिश्ता टूटना, 5 अस्थिर संबंध, 7 विवाह में अत्यधिक देरी, 8 जिम्मेदारियाँ अधिक, विवाह टलता है, और
9 अहंकार के कारण विवाद बनता है ।
अब हम समझते है नाम और जीवन का गहरा संबंध कैसे होता है ज्योतिष शास्त्र में यह माना जाता है कि यदि नाम का पहला अक्षर, नाम के अक्षरों की संख्या और नाम का अंक (Numerology Number)
ये तीनों मिलकर व्यक्ति के जीवन पर प्रभाव डालते हैं। यदि नाम का कंपन (Vibration) कुंडली के ग्रहों से मेल नहीं खाता, तो जीवन के विशेष क्षेत्रों—जैसे विवाह, प्रेम, दांपत्य सुख—में बाधाएँ आने लगती हैं।
कई बार व्यक्ति मंगल दोषी नहीं होता, लेकिन नाम का अंक मंगल से शत्रुता रखता है तो विवाह में बार-बार बाधा आती है।
बार-बार रिश्ते टूटना (Hidden Name Defect):- अगर बात पक्की होते-होते टूट जाए और
बिना कारण सामने वाला पीछे हट जाए तो यह नाम दोष (Name Dosha) का संकेत हो सकता है।
नाम और चंद्रमा का असंतुलन दोनों का असंतुलन:- चंद्रमा मन और भावनाओं का कारक है।
नाम यदि चंद्रमा के विपरीत हो तो कई बार गलत फैसले लेना,भावनात्मक अस्थिरता होना रिश्तों में गलतफहमी पैदा होती है।
अब हम जानते है कि आखिर कैसे पहचाने कि विवाह में बाधा नाम से है?
1. कुंडली में विवाह योग हो फिर भी शादी न हो रही हो ।
2. हर रिश्ता आखिरी समय पर टूट जाए
3. उम्र यदि 30+ हो जाए
4. परिवार परेशान हो रहा हो तो उपाय करने पर भी परिणाम न मिलना भी इसका संकेत होता है ।
तब नाम दोष की जाँच ज़रूरी हो जाती है। विवाह में बाधा दूर करने के नाम आधारित उपाय:-
1. नाम में शुभ अक्षर जोड़ना कई बार पूरा नाम बदलने की जरूरत नहीं होती। केवल एक अक्षर जोड़ना और उपनाम बदलने से ही बड़ा फर्क पड़ जाता है।
2. नाम के अनुसार मंत्र जप व्यक्ति के नाम के अंक के अनुसार शुक्र मंत्र, चंद्र मंत्र, गुरु मंत्र का जाप विवाह को शीघ्र कराता है।
3. नाम से जुड़ा दान करना ताकि नाम के ग्रह के अनुसार दान करने से नकारात्मक कंपन समाप्त होकर सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।
4. विवाह योग सक्रिय करने का उपायशुक्रवार को सफेद वस्त्र चांदी धारण नाम से जुड़ा रत्न पहनना (सलाह लेकर) ।
कुछ जरुरी सावधानी जो इसमें रखनी चाहिए । बिना किसी विशेषज्ञ सलाह के नाम न बदलें, केवल नाम दोष मानकर कुंडली को न नज़रअंदाज़ करें नाम + कुंडली + समय = सही समाधान विवाह में बाधा केवल ग्रहों के कारण नहीं होती। कई बार नाम का कंपन जीवन में ऐसी रुकावटें पैदा करता है जिनका व्यक्ति को अंदाज़ा भी नहीं होता। यदि सही समय पर नाम का संतुलन कर दिया जाए, तो रुका हुआ विवाह, टूटे रिश्ते, देरी की समस्या सब दूर हो सकती है।
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