शनि धन क्यों रोकता है और कब देता है? – पूरा जीवन विश्लेषण

शनि धन क्यों रोकता है और कब देता है?

ज्योतिष शास्त्र में शनि देव ऐसा ग्रह है जिससे लोग सबसे ज़्यादा डरते हैं। अक्सर कहा जाता है कि शनि धन रोक देता है, संघर्ष देता है और जीवन कठिन बना देता है। लेकिन यह पूरी सच्चाई नहीं है। शनि केवल रोकता ही नहीं, बल्कि जीवन में स्थायी, टिकाऊ और सम्मानजनक धन भी वही देता है। आज हम आपको समझाते है कि आखिर शनि धन क्यों रोकता है? शनि कब और कैसे धन देता है?
शनि का प्रभाव जीवन के अलग–अलग चरणों में कैसा रहता है?
क्या कहता है शनि देव ग्रह का मूल सिद्धांत:-

शनि धन क्नि देव को हमेशा से कर्म, अनुशासन, धैर्य और न्यायप्रिय ग्रह माना गया है। शनि देव कभी भी व्यक्ति को बिना मेहनत के फल नहीं देते है ।शनि का नियम कहता है कि जो जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे देर से ही सही लेकिन स्थायी रूप में मिलता है।

यही कारण है कि शनि का धन धीरे- धीरे आता है लेकिन टिकता बहुत लंबे समय तक है।

शनि देव धन क्यों रोकते है? जानते है इसका मुख्य कारण
1. अधूरे या गलत कर्म को करना जो व्यक्ति दूसरों का हक मारता है या फिर धोखा करता है वह अपनी जिम्मेदारियों से भागता है तो शनि देव ऐसे व्यक्ति का धन रोकदेते है, चाहे उसकी आय कितनी भी हो।

2. धन का भाव पर शनि का दबाव यदि शनि:
दूसरे भाव (धन) में हो दूसरे भाव के स्वामी पर दृष्टि डाले है तो व्यक्ति को कमाई के बावजूद बचत में कठिनाई होती है। पैसा आता है लेकिन टिकता नहीं।

3. शनि और छठा भाव (कर्ज) शनि का छठे भाव से संबंध व्यक्ति को: लंबे समय तक कर्ज EMI और जिम्मेदारियाँ निभानी पड़ती है और उसका जीवन संघर्षपूर्ण जीवन हो सकता है ऐसे जातक मेहनती तो होते है लेकिन धन स्वतंत्र नहीं होता है।

4. शनि की दशा या साढ़ेसाती के बारे में जानते है शनि की महादशा, अंतरदशा या साढ़ेसाती में व्यक्ति के खर्च बढ़ते हैं, आय धीमी होती है और जीवन परीक्षा लेता है, यह समय कर्म को सुधारने का काल खंड होता है।

शनि देव कब धन देते है? इसको जानना सबसे ज़्यादा ज़रूरी है कि शनि देव कब पलटकर वरदान देते है।

(i). जब व्यक्ति धैर्य और अनुशासन से जीना सीख लेता है, जब व्यक्ति समय पर काम करता है अपने नियमों का पालन करता है और अपनी सारी जिम्मेदारियाँ निभाता है तो उसके लिए शनि देव धन के रास्ते खोल देते है।

(ii). शनि देव का एकादश भाव (लाभ) से संबंध जानते है:- यदि शनि: 11वें भाव में हो, 11वें भाव का स्वामी हो तो धन धीरे-धीरे लेकिन लगातार बढ़ता है। ऐसे लोग 35–40 की उम्र के बाद आर्थिक रूप से मज़बूत होते हैं।

(iii). शनि देव और उम्र का संबंध शनि युवावस्था में कम और मध्य आयु के बाद ज़्यादा फल देता है। उम्र के 18–30 वे वर्ष तक संघर्ष, 30–40: स्थिरता और 40 वर्ष के बाद सम्मान और स्थायी धन देता है ।

शनि किन क्षेत्रों से धन देता है? शनि इन क्षेत्रों से धन देता है: सरकारी सेवा लोहे, मशीन, फैक्ट्री खेती, ज़मीन, निर्माण कानून, प्रशासन मेहनत आधारित व्यापार शनि और राहु का संयोजन यदि शनि–राहु का योग हो: अचानक उतार–चढ़ाव पहले संघर्ष, फिर बड़ा धन देते है 

शनि को मजबूत करने के ज्योतिषीय उपाय शनिवार के दिन सरसों के तेल का दीपक पीपल के नीचे जलाये, काले तिल या उड़द का दान करे ।
व्यक्तिगत कुंडली देखकर ही यह तय किया जा सकता है कि शनि आपके जीवन में धन कब और कैसे देगा।
आप अपनी कुंडली का व्यग्तिगत विश्लेषण हमसे करवा सकते है सम्पर्क करे + 91 9351061536

विशेष नोट:- यह ज्योतिषयी आकलन किया गया है किसी भी प्रकार के उपायों को करने से पूर्व अपनी कुंडली का व्यग्तिगत विश्लेषण जरूर से करवाए ।

1 thought on “शनि धन क्यों रोकता है और कब देता है? – पूरा जीवन विश्लेषण”

Leave a Comment