कर्ज क्यों नहीं उतरता? कुंडली में कौन-सा ग्रह जिम्मेदार होता है?

कर्ज क्यों नहीं उतरता

इस तेज चलते जीवनकाल में आज के समय में बहुत से लोग मेहनत करने के बावजूद भी कर्ज से बाहर नहीं निकल पाते है। और दिनों दिन कर्ज के गर्त में ही जाते है आय आती तो है, लेकिन पैसा हाथ में टिकता नहीं है। कभी- कभी अचानक खर्च आ जाता है, कभी नौकरी में रुकावटे आने लगती है, तो कभी – कभार व्यापार में नुकसान होने लगता है। ऐसे में प्रश्न उठता है की – क्या कर्ज का संबंध कुंडली से भी होता है? तो इसका जवाब है हा कर्ज का सम्बन्ध कुंडली से होता है आज इस लेख में मै आपको बताऊंगा की कर्ज का सम्बन्ध कुंडली से कैसे होता है

हमारे ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, व्यक्ति के जीवन में चलने वाला कर्ज केवल आर्थिक कारणों से नहीं, बल्कि कुछ विशेष ग्रहों और भावों की कमजोरी या अशुभ प्रभाव के कारण भी बना रहता है। इस लेख के माध्यम से हम सरल भाषा में समझेंगे कि कर्ज क्यों नहीं उतरता और कुंडली में कौन-से ग्रह इसके मुख्य कारण बनते हैं।

कर्ज का ज्योतिषीय संबंध:-

कुंडली में कर्ज का सीधा संबंध षष्ठ भाव (6th house), अष्टम भाव (8th house) और द्वादश भाव (12th house) से देखा जाता है। इन भावों पर यदि अशुभ ग्रहों का प्रभाव हो या इनके स्वामी कमजोर हों, तो व्यक्ति बार-बार कर्ज में फँसता है, और फसता ही चला जाता है।

लेकिन भावों के साथ-साथ कुछ ग्रह ऐसे भी होते हैं जो विशेष रूप से कर्ज के लिए योग बनाते हैं। जो मैंने निचे बताये है :-

1. शनि ग्रह – स्थायी कर्ज का कारण
शनि को कर्म और दंड का ग्रह माना जाता है। यदि शनि कुंडली में कमजोर हो, नीच का हो, या 6th, 8th या 12th भाव से जुड़ा हो, तो व्यक्ति पर लंबे समय तक कर्ज बना रहता है।
शनि से बनने वाले कर्ज के संकेत: मेहनत बहुत, फल कम, पैसा आते ही खर्च हो जाना, पुराने कर्ज का उतरना बहुत धीमा, सरकारी या बैंक कर्ज का बोझ रहता है।यहाँ ध्यान देने वाली बात ये है की विशेष रूप से यदि शनि की महादशा या साढ़ेसाती चल रही हो, तो कर्ज की समस्या बढ़ जाती है।

2. राहु – अचानक कर्ज और धोखे का कारण
राहु भ्रम और लालच का ग्रह भी माना जाता है। राहु के प्रभाव में व्यक्ति जल्द अमीर बनने की सोच में गलत फैसले ले लेता है। यदि राहु 6th, 8th या 12th भाव में हो, तो अचानक कर्ज, उधार और धोखे के योग बनते हैं।
राहु से जुड़े कर्ज के संकेत: बिना सोचे-समझे लोन लेना, फ्रॉड या किसी के धोखे से नुकसान,क्रेडिट कार्ड या डिजिटल लोन का बोझ, मानसिक तनाव के साथ कर्ज, राहु का कर्ज अक्सर अचानक शुरू होता है और व्यक्ति को मानसिक रूप से तोड़ देता है।

3. मंगल – विवाद और कानूनी कर्ज
मंगल ग्रह ऊर्जा और साहस का ग्रह होता है, लेकिन जब मंगल अशुभ हो जाए, तो यह व्यक्ति को विवाद, झगड़े और कोर्ट-कचहरी में फँसा देता है। ऐसे मामलों में लिया गया कर्ज जल्दी नहीं उतरता। मंगल से बनने वाले कर्ज:
जमीन या प्रॉपर्टी विवाद, बिज़नेस पार्टनरशिप में नुकसान, केस या जुर्माने से जुड़ा कर्ज
यदि मंगल 6th भाव में अशुभ हो, तो कर्ज के साथ – साथ शत्रु भी बढ़ जाते हैं।

4. छठा भाव (6th House) – कर्ज का मुख्य भाव:-
षष्ठ भाव को सीधे तौर पर कर्ज, रोग और शत्रु का भाव माना गया है। यदि 6th भाव का स्वामी कमजोर हो, 6th भाव में पाप ग्रह बैठे हों, 6th भाव पर राहु-शनि की दृष्टि हो तो व्यक्ति कर्ज से निकलने की कोशिश करता रहता है, लेकिन सफलता नहीं मिलती।

5. चंद्रमा कमजोर हो तो कर्ज बढ़ता है:-
चंद्रमा मन और निर्णय का ग्रह है। कमजोर चंद्रमा व्यक्ति को भावनात्मक निर्णय लेने पर मजबूर करता है, जिससे वह गलत समय पर कर्ज ले लेता है। कुछ संकेत जो हमें इसकी पुष्टि करते है बार-बार उधार लेना, दूसरों की मदद में खुद फँस जाना, मानसिक अशांति के कारण आर्थिक गड़बड़ी आदि ।

अब हम देखते है की कर्ज मुक्ति के सरल ज्योतिषीय उपाय जानते है :-
ये कुछ सामान्य उपाय हैं, व्यक्तिगत कुंडली देखकर उपाय अधिक प्रभावी होते हैं।

(i). शनिवार का उपाय (शनि के लिए) करे :-
शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ और काले तिल या उड़द का दान करें ।

(ii). राहु शांति के उपाय – शनिवार को गरीब को नीला कपड़ा या कंबल दान करें
“ॐ रां राहवे नमः” मंत्र का दिन में 108 बार जाप करें।

(iii). चंद्रमा के लिए उपाय– सोमवार को दूध या चावल का दान करें, माता का सम्मान करें और झूठ बोलने से बचें।

क्या सिर्फ उपाय से कर्ज उतर जाता है?
नहीं। उपाय के साथ सही कर्म और सही निर्णय – तीनों जरूरी हैं। ज्योतिष रास्ता दिखाता है, लेकिन चलना व्यक्ति को खुद होता है।

यदि कुंडली में ग्रह अत्यधिक अशुभ हों, तो व्यक्तिगत कुंडली अनुसार उपाय ही स्थायी समाधान देते हैं।

कर्ज न केवल आर्थिक समस्या ही नहीं, बल्कि कई बार ग्रहों के असंतुलन का परिणाम भी होता है। शनि, राहु, मंगल और 6th भाव का अशुभ प्रभाव व्यक्ति को लंबे समय तक कर्ज में फँसा सकता है। सही समय पर मार्गदर्शन और उपाय से स्थिति बदली जा सकती है।
यदि आप जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में कर्ज का वास्तविक कारण कौन-सा ग्रह है, तो व्यक्तिगत कुंडली विश्लेषण आवश्यक है। आप हमारे द्वारा भी अपनी व्यग्तिगत कुंडली का विश्लेषण करवा सकते है सम्पर्क + 91 9351061536

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