घर में वास्तु दोष कैसे पहचानें: लक्षण और सरल उपाय
बहुत से लोग अपने घर में परेशानियों का सामना कर रहे होते हैं लेकिन उन्हें यह समझ नहीं आता कि समस्या कहाँ है। वास्तु दोष घर के वातावरण, धन, स्वास्थ्य और रिश्तों पर असर डाल सकता है। घर में वास्तु दोष पहचानने के लिए किसी विशेषज्ञ के आने का इंतज़ार करने से बेहतर है कि आप खुद कुछ संकेतों को ध्यान से देखें। अगर घर में लगातार तनाव रहता है, परिवार के सदस्यों में बिना वजह झगड़े होते हैं या घर में बिना कारण पैसों की कमी महसूस होती है, तो यह किसी वास्तु दोष का इशारा हो सकता है। इसी प्रकार कई बार घर में रोगों का बढ़ना, कर्ज का बढ़ना और घर के पौधों का सूखना भी वास्तु की गड़बड़ का संकेत देते हैं। अगर घर में किचन गलत दिशा में हो, जैसे दक्षिण-पश्चिम या उत्तर में, तो इससे आर्थिक नुकसान की संभावना बढ़ जाती है। इसी तरह दक्षिण दिशा में पानी का स्रोत होना भी वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है। अगर मुख्य दरवाज़े के सामने कोई बाधा हो, जैसे बड़ा पेड़ या बिजली का खंभा, तो घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। कई घरों में पानी की लीकेज, नाली का अव्यवस्थित बहाव, टॉयलेट की गलत दिशा या टॉयलेट सीट का हमेशा खुला रहना भी वास्तु दोष को जन्म देता है। अगर घर में लगातार कुत्तों का भौंकना, कबूतरों का ज्यादा चहकना या चीटियों का फैलना शुरू हो जाए, तो यह भी ऊर्जा असंतुलन का संकेत हो सकता है। घर में हमेशा धूल जमा रहना, दीवारों में दरारें, फफूंदी लगना या टॉयलेट से दुर्गंध भी वास्तु दोष के कारण होते हैं। अगर घर के मंदिर की दिशा गलत हो, जैसे दक्षिण में, तो घर में मानसिक तनाव और धन की कमी बढ़ सकती है। अगर घर में सूर्य की रोशनी पर्याप्त न आए और कमरों में हमेशा अंधेरा बना रहे तो यह नकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है और वास्तु दोष का संकेत है। बहुत से लोग सोचते हैं कि वास्तु दोष केवल बड़े-बड़े बदलावों से ठीक होते हैं, जबकि ऐसा नहीं है। घर को साफ-सुथरा रखना, बेड के नीचे सामान न भरना, टूटी वस्तुएँ घर में न रखना, पानी हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में रखना और रोज़ दीया जलाना वास्तु दोष को कम कर सकता है। घर में हरी पौधों का उपयोग, विशेषकर तुलसी का पौधा, सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। अगर घर में किचन, टॉयलेट और बेडरूम एक ही लाइन में हों तो यह भी दोष का संकेत है। घर में अगर ध्वनि-प्रतिध्वनि (echo) सुनाई दे तो यह भी ऊर्जा अव्यवस्थित होने का संकेत है। इस तरह कई सूक्ष्म संकेतों को देखकर आप आसानी से घर के वास्तु दोष की पहचान कर सकते हैं।
घर में वास्तु दोष दूर करने के आसान उपाय (Remedies)
अगर आपको अपने घर में वास्तु दोष के लक्षण दिखाई देते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है। बिना किसी बड़ी तोड़-फोड़ के भी आप इन उपायों से घर की ऊर्जा को सकारात्मक बना सकते हैं:
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मुख्य द्वार पर स्वास्तिक: घर के मुख्य दरवाजे पर सिंदूर से स्वास्तिक का चिन्ह बनाएं। यह नकारात्मक ऊर्जा को घर में प्रवेश करने से रोकता है।
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नमक के पानी का पोंछा: घर में पोंछा लगाते समय पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाएं। नमक नकारात्मकता को सोख लेता है और घर में शांति लाता है।
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कपूर का प्रयोग: प्रतिदिन सुबह और शाम घर में कपूर जलाएं। इसकी सुगंध से मानसिक तनाव कम होता है और वास्तु दोष का प्रभाव घटता है।
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ईशान कोण की सफाई: घर के उत्तर-पूर्वी कोने (ईशान कोण) को हमेशा साफ-सुथरा रखें। यहाँ भारी सामान या कूड़ा-कचरा रखने से आर्थिक तंगी आती है।
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तुलसी का पौधा: घर के आंगन या बालकनी में तुलसी का पौधा जरूर लगाएं। तुलसी घर के कई वास्तु दोषों को अकेले ही खत्म करने की क्षमता रखती है।