घर-जमीन खरीदने का सही समय कब आएगा? कुंडली से जानिए प्रॉपर्टी योग

घर-जमीन खरीदने का सही समय कब आएगा? कुंडली से जानिए प्रॉपर्टी योग

घर जमीन खरीदने का सही समय हर व्यक्ति के जीवन में एक महत्वपूर्ण सवाल होता है, जिसे ज्योतिष कुंडली के माध्यम से समझा जा सकता है।आज के समय में हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका खुद का घर या जमीन हो। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि पैसा होने के बावजूद भी प्रॉपर्टी नहीं बन पाती, या बार-बार कोई न कोई कुछ न कुछ अड़चन आ ही जाती है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, घर-जमीन खरीदना केवल धन से नहीं, बल्कि कुंडली में बने विशेष ग्रह योगों पर भी निर्भर करता है।यंहा हम जानेंगे कि घर-जमीन खरीदने का सही समय कब आता है आपकी कुंडली में और कौन-से ग्रह इसके लिए जिम्मेदार होते हैं और यदि वह योग कमजोर हों तो क्या-क्या उपाय किए जा सकते हैं।

घर-जमीन से जुड़े ग्रह और उसके भाव:- ज्योतिष में संपत्ति से जुड़े विषय कुछ खास भावों और ग्रहों से देखे जाते हैं, जैसे अगर कुंडली के चतुर्थ भाव (4th House) घर, जमीन, वाहन, सुख-सुविधा से जोड़ता है, द्वितीय भाव (2nd House) धन संचय का भाव होता है, और एकादश भाव (11th House) आय और लाभ से सम्बन्धित होता है
अब बात करते है प्रमुख ग्रहो कि :-

सबसे पहले बात करते है मंगल ग्रह कि जो कि भूमि और प्रॉपर्टी का मुख्य ग्रह होता है, शुक्र ग्रह: जो कि सुख-सुविधा और घर का ग्रह माना जाता है,बृहस्पति ग्रह:- विस्तार, संपत्ति और स्थायित्व होता है और शनि ग्रह:- जो देरी लेकिन स्थायी संपत्ति का होता है । जब ये ग्रह कुंडली में मजबूत होते हैं, तब व्यक्ति को घर-जमीन का सुख अवश्य मिलता है।

अब हम जानते है कि कुंडली में प्रॉपर्टी योग कैसे बनता है?

यदि ये योग कुंडली में हों तो घर या जमीन खरीदने की संभावना बहुत बढ़ जाती है जैसे:-
1. मंगल का मजबूत होना अगर कुंडली में मंगलअपनी राशि में होने के साथ यदि चतुर्थ भाव या द्वितीय भाव में हो
और शुभ ग्रहों से दृष्ट हो तो वह जातक जमीन या प्लॉट खरीदता है।

2. बृहस्पति का सहयोग:- बृहस्पति अगर कुन्डली में चतुर्थ भाव को देख रहा होने के साथ द्वितीय या एकादश भाव में हो तो व्यक्ति घर खरीदने में आर्थिक रूप से सक्षम बनता है।

3. चतुर्थ भाव का स्वामी शुभ हो यदि 4 घर में केंद्र या त्रिकोण में हो और बृहस्पति या शुक्र से जुड़ा हो तो पक्का मकान बनने का योग बनता है।

4. शनि का योग (देरी लेकिन पक्का):- शनि के प्रभाव में घर देर से बनता है लेकिन एक बार बनने पर लंबे समय तक स्थिर रहता है ऐसे लोग 35–45 की उम्र में प्रॉपर्टी ले ही लेते हैं।

अब जानते है कि आप अपनी कुंडली में घर-जमीन खरीदने का सही समय कैसे पहचानें?

सिर्फ योग होना ही काफी नहीं, दशा और गोचर भी बहुत मायने रखते हैं। जैसे शुभ दशा का समय घर-जमीन के लिए सबसे अच्छी दशाएं जैसे कि मंगल महादशा / अंतरदशा, शुक्र महादशा और बृहस्पति की अनुकूल दशा होना ।

अब जानते है ग्रह गोचर का असर जब बृहस्पति चतुर्थ, द्वितीय या एकादश भाव से गोचर करे या फिर मंगल का शुभ गोचर हो तो प्रॉपर्टी लेने का समय बेहद ही शुभ माना जाता है।

अब हम जानते है कि आखिर घर-जमीन में रुकावट क्यों आती है?

बहुत बार हम ये देखते है कि लोगो के साथ यह समस्या होती है कि आखरी समय में डील टूट जाती है, लोन अप्रूव नहीं होता, कागज़ी अड़चन आती है तो जानते है इसके पीछे के ये कारण हो सकते हैं जैसे कि चतुर्थ भाव पर राहु-केतु का प्रभाव, मंगल दोष का होना, शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या का चलना, कुंडली में धन भाव कमजोर होना ये सब इसके कारक माने जाते है ।

अगर योग कमजोर भी हों, तो उपाय और सही समय से स्थिति बदली जा सकती है। आइये जानते है घर-जमीन के लिए असरदार कुछ ज्योतिष उपाय:-

1. मंगल ग्रह को मजबूत करें, मंगलवार को लाल मसूर दान करें, हनुमान चालीसा का पाठ करें।

2. शुक्र को शुभ बनाएं, शुक्रवार को सफेद वस्त्र पहनें और कन्याओं को मिठाई दान करें।

3. घर बनने में रुकावट हो तो शनिवार को पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक करे ।

“ॐ नमः शिवाय” का 108 बार जप करे ।

विशेष नोट :- घर या जमीन खरीदना जीवन का बड़ा निर्णय होता है। सही समय पर लिया गया निर्णय आपको सुख, स्थिरता और आर्थिक सुरक्षा देता है। अगर आपकी कुंडली में योग हैं और दशा-गोचर अनुकूल है, तो अवसर हाथ से न जाने दें। और यदि रुकावटें आ रही हैं, तो सही उपाय और धैर्य से रास्ता जरूर खुलेगा।
किसी भी प्रकार के उपाय को करने से पहले अपनी कुंडली का व्यग्तिगत विश्लेषण जरूर से करवाए आप हमसे भी अपनी कुंडली का विश्लेषण करवा सकते है सम्पर्क करे +91 9351061536

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