विवाह में बाधा: क्या नाम भी शादी में रुकावट का कारण बनता है?

विवाह में बाधा / देरी:- आजकल के समय में करोडो लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं कि आखिर सब कुछ ठीक होने के बावजूद भी विवाह आखिर क्यों नहीं हो पा रहा है। हम देखते है की उम्र निकलती ही जा रही होती है, रिश्ते आते भी हैं लेकिन टूट जाते हैं, या फिर … Read more

27 दिसंबर 2025 का राहु काल | Rahu Kaal Today

Rahu Kaal 27 December 2025 ka samay

27 दिसंबर 2025 का राहु काल | Rahu Kaal TodayRahu Kaal 27 December 2025 दिन: शनिवार, ग्रह: राहु स्थान: भारत (IST) 27 दिसंबर 2025 का राहु काल समय (India) राहु काल समय: सुबह 9:00 बजे से 10:30 बजे तक ज्योतिष शाश्त्रो में यह समय अशुभ माना जाता है, इसलिए इस दौरान मतलब राहुकाल के दौरान … Read more

भाग्य संकेत: ये 12 संकेत बताते हैं कि आपका भाग्य खुलने वाला है।

Bhagya Sanket – Bhagya badalne ke shubh sanket

भाग्य संकेत: ये 12 संकेत बताते हैं कि आपका भाग्य खुलने वाला है। भाग्य संकेत क्या होते हैं? सबसे पहले आज हम बात करते है की भाग्य संकेत होते क्या है हमारे सनातन धर्म ग्रन्थ के शास्त्रों और ज्योतिष के अनुसार जब भी किसी व्यक्ति का भाग्य सक्रिय रूप (Activate) होने लगता है, तो प्रकृति … Read more

2026 में चंद्र ग्रहण: तारीख, समय, ज्योतिषीय महत्व और चंद्र ग्रहण उपाय

Lucky signs from the universe indicating life transformation

चंद्र ग्रहण 2026 वर्ष की एक महत्वपूर्ण खगोलीय और ज्योतिषीय घटना है। 3 मार्च 2026 को लगने वाला यह चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा… ग्रहण राशिफल, चंद्र ग्रहण उपाय 2026 में चंद्र ग्रहण कब है? साल 2026 में दो चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) होंगे: 3 मार्च 2026 — पूर्ण /आंशिक रूप चंद्र ग्रहण, जो … Read more

Shani Mahadasha जीवन पर प्रभाव, उपाय और 2026 तक का पूरा फल देखते है यहाँ

Shani Mahadasha क्या है? आखिर क्या होती है शनि देव की महादशा लिए जानते हैं  astrodheerendra.com के साथ

 तो सबसे पहले जानते हैं कि हमारे शास्त्रों में शनि देव की महादशा के बारे में ग्रह शनि देव के बारे में क्या बताया गया है तो सबसे पहले हम बात करते हैं वैदिक ज्योतिष की वैदिक ज्योतिष में शनि को न्याय का ग्रह माना गया है। शनि दंड भी देता है और मेहनत का फल भी। जब किसी व्यक्ति की कुंडली में Shani Mahadasha चलती है, जो कुल 19 साल की होती है, तब उसके जीवन में बहुत बड़े परिवर्तन आते हैं।शनि का स्वभाव धीमा, स्थिर और कर्म प्रधान होता है। इसलिए इसकी महादशा व्यक्ति को परिपक्व बनाती है, सिखाती है, और वास्तविकता से सामना कराती है।

 शनि देव की महादशा के प्रभावो की बात करते है, शनि की महादशा हर व्यक्ति पर अलग-अलग असर डालती है, लेकिन कुछ सामान्य प्रभाव इस प्रकार हैं:

 1. कर्म का फल तेज़ी से मिलता है,शनिदेव कर्म का ग्रह है, इसलिए इस समय में अच्छे-बुरे दोनों कर्मों के परिणाम जल्दी दिखाई देने लगते हैं।

 2. कार्य में धीमापन काम धीरे – धीरे चलता है, लेकिन स्थिरता ज़रूर मिलती है।3

3. व्यक्ति का स्वभाव गंभीर और व्यावहारिक हो जाता है इस समय ( जब शनि देव की महादशा चलती है ) व्यक्ति में maturity आती है। वह वास्तविकता को समझता है।

 4. जिम्मेदारियां बढ़ती हैं परिवार, करियर, नौकरी, व्यवसाय—हर क्षेत्र में नई जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं।

5. कभी-कभी बाधाएं आती हैं कानूनी मामलों, स्वास्थ्य, नौकरी, वित्त या संबंधों में थोड़े उतार-चढ़ाव भी आते रहते हैं।

 तो अब हम बात करते हैं की Shani Mahadasha के फल किस पर निर्भर करते हैं? महादशा का प्रभाव केवल शनि की स्थिति पर नहीं, बल्कि इन पर भी निर्भर करता है:

● आपकी कुंडली में शनि किस भाव में स्थित है

● शनि देव किस राशि में विराजमान / बैठे हैं?

● शनि देव की दृष्टि किन – किन भावों पर है

● कौन-सा अंतरदशा का ग्रह चल रहा है

● शनि शुभ है या नीच के है?

इसलिए एक व्यक्ति को संघर्ष मिल सकता है, जबकि दूसरे को सफलता।

 19 साल की Shani Mahadasha का विस्तृत फल

 1) पहला चरण: 0–6 वर्ष तक का (सूर्य/चंद्र के प्रभाव)

यह समय थोड़ा भारी हो सकता है। पूराने काम रुके हुए मिलते हैं l घर-परिवार में जिम्मेदारी बढ़ती है, स्वास्थ्य पर ध्यान देना पड़ता है l  

2) दूसरा चरण: 6–12 वर्ष तक (मंगल/राहु के प्रभाव) इस चरण में व्यक्ति अपने करियर को मजबूत करने लगता है।नौकरी में बदलाव, नया व्यवसाय, मेहनत के अनुसार फल परंतु राहु/केतु के समय भ्रम और गलत निर्णय से बचना चाहिए।

3) तीसरा चरण: 12–19 वर्ष (बृहस्पति/शुक्र/बुध के प्रभाव) अगर शनि शुभ है, तो यही समय जीवन का सबसे स्वर्णिम होता है।धन लाभ विवाह/संतान सुख करियर में स्थिरता नई संपत्ति की प्राप्ति होती है  l यदि शनि और शुक्र-बुध का संबंध खराब हो, तो मानसिक तनाव रह सकता है।

Shani Mahadasha के लक्षण (Symptoms):- 

आपको कैसे पता चले कि शनि की महादशा चल रही है या प्रभाव बढ़ गया है? नीचे लक्षण दिए हैं: काम में देरी ,नींद कम होना, जिम्मेदारी बढ़ना,अनचाही टेंशन ,किसी बात पर बार-बार सोचना, पैरों, घुटनों, रीढ़ में समस्या,कानूनी या सरकारी काम बढ़ना यदि यह लक्षण ज़्यादा हों, तो उपाय करना चाहिए।

Shani Mahadasha में क्या करना चाहिए ? (Most Powerful Remedies)

1. शनि मंत्र का जाप “ॐ शं शनैश्वराय नमः”प्रतिदिन 108 बार।

 2. शनिवार को तिल के तेल का दीपक जलाएं, शनि को शांत करने का सबसे आसान उपाय।

3. काली उड़द का दान करें और शनिवार को मंदिर में 1 मुट्ठी काली उड़द दें।

 4. श्रम और सत्य का पालन करेंशनि कर्म और सत्य का ग्रह है – यह सबसे बड़ा उपाय है।

 5. हनुमान चालीसा पढ़ें शनिवार और मंगलवार को विशेष फल मिलता है।

 6. शनि की ढैय्या/साढ़ेसाती में

● Shani yantra ( शनि यंत्र)

● Iron ring (Boat-shaped) इनका उपयोग भी किया जाता है। 

Shani Mahadasha 2026 तक क्या प्रभाव देगी?

2026 में शनि Mesha (Aries) से Vrishabha (Taurus) में आने की संभावना ज्योतिष अनुसार बताई जाती है, जिससे महादशा चल रहे लोगों को ये देखने को मिलेगा: काम में स्थिरता, करियर में बड़ा अवसर, आर्थिक स्थिति मजबूत, और जिम्मेदारी बढ़ेगी विदेश जाने के योग भी बन सकते हैं

2026 का साल शनि महादशा वालों के लिए “transition year” होगा — बदलाव का समय।

 किन लोगों को सबसे ज़्यादा लाभ होगा?

 जिनकी कुंडली में शनि:

● 3rd

● 6th

● 10th

● 11th भाव में बैठा है और जिनकी राशि निम्न हो

→ जिनकी राशि:

● Kumbh

● Makar

● Vrishabh

● तुला राशि में शनि अच्छा फल देता है। किन लोगों को सावधान रहना चाहिए?

→ जिनकी कुंडली में शनि नीच (मेष) है

→ शनि 5th या 8th भाव में है

→ शनि राहु/केतु से युति में है

→ शनि debilitated navamsha में है

Shani Mahadasha एक परिवर्तनकारी समय है—यह जीवन को मजबूत नींव देता है।

यह समय सिखाता है, तैयार करता है, और जीवन को नए स्तर पर ले जाता है।

जो व्यक्ति मेहनत, ईमानदारी और धैर्य रखता है, उसे शनि महादशा में बहुत बड़ा लाभ मिलता है।

 विशेष नोट यह ज्योतिषीय आकलन के आधार पर आर्टिकल है किसी भी प्रकार के उपाय वगैरा करने से पहले जातक एक बार अपनी कुंडली का विश्लेषण जरूर से करवाये l

मुझे उम्मीद ही नहीं बल्कि पूरा विश्वास है कि मेरा यह प्रयास बेकार नहीं जाएगा l

Read more

What is the Nakshatra? Simple Explanation

Meaning of Nakshatra in Astrology What is the Nakshatra? Simple Explanation In Vedic Astrology, the sky is divided into 27 Nakshatras:-  Each Nakshatra has: A ruling planet, A symbol, A specific energy,A unique influence on personality. Your Birth Nakshatra affects like :-Behavior, Nature, Career, Relationships. Meaning of the Nakshatra in Astrology:- The word (Nakshatra)comes from: … Read more

टोने-टोटके से कैसे बचें?ज्योतिष अनुसार शक्तिशाली उपाय 2026

“टोने टोटके से कैसे बचें” आजकल हम अक्सर ये देखते हैँ की टोने-टोटके जैसे नकारात्मक ऊर्जा से परेशान होना आज के समय में आम बात है। कई बार बिना वजह घर में तनाव, आर्थिक समस्या, बीमारी या बेकार विवाद होने लगते हैं। ज्योतिष के अनुसार जब ग्रहों की स्थिति कमजोर हो जाए, बुरी दृष्टि लगे … Read more

मंगल देव का धनु राशि में प्रवेश क्या प्रभाव डालेगा आइये जानते है l

मंगल देव का धनु राशि में प्रवेश *कल रात 8.15 मिनट पर दिनांक 7 दिसंबर 2025 को मंगल देव ने अग्नि तत्व की धनु राशि में प्रवेश कर लिया हैं. जल तत्व की अपनी स्वराशि में मंगल की वजह से जो जल प्रलय हुआ अब उसपर विराम लग जाएगा. श्री लंका में हजारों लोगों की … Read more

चैत्र नवरात्रि में माँ की उपासना के लिये दुर्गा सप्तशती अनुष्ठान विधि

चैत्र नवरात्रि में माँ की उपासना का विशेष महत्व होता है। इस नौ दिवसीय पर्व में देवी दुर्गा की साधना करने से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं और जीवन में शक्ति व शांति आती है। दुर्गा सप्तशती के अध्याय पाठन से संकल्प अनुसार कामनापूर्ति के लिए :- 1- प्रथम अध्याय- हर प्रकार की चिंता मिटाने के … Read more