मंगल देव का धनु राशि में प्रवेश
*कल रात 8.15 मिनट पर दिनांक 7 दिसंबर 2025 को मंगल देव ने अग्नि तत्व की धनु राशि में प्रवेश कर लिया हैं. जल तत्व की अपनी स्वराशि में मंगल की वजह से जो जल प्रलय हुआ अब उसपर विराम लग जाएगा. श्री लंका में हजारों लोगों की तूफान से मृत्यु, इंडोनेशिया में तूफान से तबाही अब खत्म हो गई. लेकिन अग्नि तत्व की राशि वृश्चिक पर अग्नि तत्व के मंगल पर केतु जैसे अग्नि तत्व कारक ग्रह की दृष्टि अभी भी दुर्घटनाएं तो होती रहेगी. 45 दिन के धनु राशि में मंगल के गोचर में देव गुरु बृहस्पति से बनने वाले सम सप्तक योग से बचाव भी संभव हैं. अब आइए जानते हैं कि किस राशि को मंगल देव क्या देने वाले हैं ?*
*मेष राशि :* मेष राशि में देव गुरु और मंगल देव कोई खास फल देने वाले नहीं होते हैं. भाग्येश उनका पहला घर और द्वादश उनका दूसरा घर होता हैं. तृतीय भाव में बैठे हुए देव गुरु अपने खुद के घर को देख रहे है सो अब भाग्य साथ देगा. मंगल भी भाग्य भाव में बैठे हैं सो वह भी अच्छा फल करेंगे.
*वृष राशि :* द्वादश भाव और सप्तम भाव के कारक मंगल देव पर केतु की दृष्टि मारक भाव का कारक ग्रह आयु के भाव में बैठा है सो आपको बहुत सावधान रहना हैं. चोट चपेट दुर्घटना से बचना हैं. धन भाव पर मंगल की दृष्टि पारिवारिक विवाद भी करवा सकते हैं पर देव गुरु बचाव भी करेंगे.
*मिथुन राशि :* मिथुन राशि में मंगल कोई खास लाभ नहीं देते हैं. राशि स्वामी बुध शुक्र और सूर्य यह तीनों की युति रोग ऋण छठे भाव में बनी हुई हैं. एक बात हैं मंगल आपको कोई भी कष्ट दें पर लग्न में बैठे हुए गुरु देव आपकी सुरक्षा अवश्य करेंगे. गृहस्थ जीवन में तनाव हो सकता हैं. छठे भाव का स्वामी आठवें भाव में बैठा हैं. आयु का खतरा हैं. पूजा पाठ करिए. मंगल देव और केतु का जाप करिए.
*कर्क राशि :* आपके राशि में मंगल योग कारक होता हैं. केंद्र के सभी घर रिक्त होकर पाशविक योग बना रहे हैं. छठे भाव में मंगल का गोचर आपको कर्ज मुक्त कर देगा पर दुर्घटना की संभावना भी बना रहा हैं. केतु की मंगल पर दृष्टि भी तो हैं. पंचम भाव में शुक्र बुध सूर्य सीधा एकादश भाव को देख रहे है सो उनके द्वारा आपको लाभ भी मिलेगा. द्वादश भाव के देव गुरु धार्मिक यात्रा भी कराएंगे. चोट चपेट से बचाव भी करेंगे. मंगल शनि का जाप करिए. देव गुरु बचाव भी करेंगे.
*सिंह राशि :* आपकी राशि में पहले से शनि की ढैया चल रही हैं. संतान भाव पर मंगल का गोचर और उस पर केतु की दृष्टि गर्भवती महिलाओं के लिए सर्जरी ऑपरेशन के योग बना रही हैं. लाभ भाव पर मंगल की दृष्टि और चौथे भाव में बुध शुक्र सूर्य की दशम भाव पर दृष्टि काम काज रोजगार व्यापार के लिए समय ठीक हैं. पेट, संतान पर ध्यान देना आवश्यक हैं. शनि मंगल केतु का जाप दान करते रहिए. सुखेश और भाग्येश का पंचम में होना लाभदायक हैं.
*कन्या राशि :* कन्या राशि में मंगल कोई खास लाभ नहीं देता और धनु राशि यानि चौथे भाव में उसका गोचर जिसकी एक सीधी दृष्टि दशम भाव पर पड़ रही है जहां पहले से बैठे देवगुरु आपको सहायता कर रहे हैं. तीसरे भाव में बैठे शुक्र बुध और सूर्य की सीधी दृष्टि भाग्य भाव पर पड़ रही हैं. सूर्य जहां के कारक हैं. शुक्र जहां खुद के घर को देख रहे हैं. भाग्यशाली समय हैं.
*तुला राशि :* शुक्र की यह तराजू की तरह व्यवस्थित जीवन जीने वाली राशि में मंगल देव कुछ खास लाभ नहीं देते हैं. पर पुरुषार्थ भाव तीसरे में बैठ कर मंगल देव भाग्य के लिए सोचने पर मजबूर कर देंगे कि भाग्य से देश विदेश से कैसे लाभ कमाया जाए. धन भाव में शुक्र बुध सूर्य की युति अच्छे भोजन और अच्छा धन दायक हैं. भाग्य भाव में देव गुरु आपकी सहायता में बैठे हैं सो क्या चिंता. कितना भी पाशविक योग बना हो आप धन कमा ही लेंगे.
*वृश्चिक राशि :* लग्नेश राशि स्वामी का दुसरे भाव में गोचर छठे भाव के स्वामी का दुसरे भाव में गोचर ठीक नहीं कहा जा सकता. अष्टम भाव में देव गुरु आपकी सहायता करेंगे. कुटुंब के चिकित्सा में धन खर्च तो होगा पर सार्थक खर्च हो यह व्यवस्था देव गुरु निर्धारित कर देंगे. मानसिक चिंता तनाव से बचिए. वाणी पर नियंत्रण रखना आवश्यक हैं. मंगल केतु का जाप करिए.
*धनु राशि :* आपकी राशि में ही मंगल का गोचर हैं दुर्घटना चोट चपेट का समय हैं. शनि की ढैया पहले से चल रही है सो आप अत्यधिक सावधानी से शनि मंगल केतु का जाप दान अवश्य करिए. सप्तम भाव में बैठे गुरु अपकी यथासंभव सहायता करते रहेंगे.
*मकर राशि :* आपकी द्वादश भाव में मंगल का यह गोचर बहुत उठा पटक वाला समय हैं. एकादश भाव में बैठे शुक्र बुध सूर्य यह तीनों तो लाभ देंगे ही. आपकी राशि में मंगल कोई योग कारक वैसे भी नहीं होता.
*कुंभ राशि :* आपकी राशि में मंगल योग कारक होता हैं. एकादश भाव में बैठ कर वह आपको अच्छा लाभ कराएगा. साढ़ेसाती के प्रभाव के बावजूद लग्न के शनि का शश नामक राजयोग और दशम भाव में शुक्र बुध सूर्य का गोचर श्रेष्ठ समय हैं.
*मीन राशि :* साढ़ेसाती के प्रभाव के बावजूद भाग्य भाव में शुक्र बुध सूर्य और दशम भाव में मंगल जहां वह योग कारक हो जाता हैं. चौथे भाव में देव गुरु वाह क्या कहने हैं. भूमि भवन मकान वाहन यह खरीद सकते हैं. कोई भी काम करेंगे भाग्य साथ देगा. शनि का उपाय अवश्य करिए l