इस ग्रह योग से विदेश में नौकरी और डॉलर में कमाई – आपकी कुंडली में है या नहीं?

इस ग्रह योग से विदेश में नौकरी और डॉलर में कमाई – आपकी कुंडली में है या नहीं?

आजकल हम ये देखते है की कुछ लोग ऑनलाइन कमाई करते है तो कुछ लोग इंटरनेट के माध्यम से बहुत पैसा बनाते है विदेश में नौकरी योग ज्योतिष शास्त्र का एक ऐसा शक्तिशाली ग्रह योग है जो व्यक्ति को विदेश में नौकरी और डॉलर में कमाई दिलाता है।फिर कुछ लोगो के मन में ख्याल आता है की क्यों न हम भी ऐसे ही और बहुत ही आसान तरिके से पैसे कमाँ ले और उस चक्कर में वे अपना समय और पैसा भी डूबा देते है पर आपने कभी सोचा की इस तरह से पैसा कमाने के लिए भी हमारे कुंडली के ग्रह बहुत ही मजबूत और सही इशारा करते है या नहीं आज हम इसी विषय पर एक सार्थक जानकारी में आपसे साझा कर रहा हु।

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हमारे ज्योतिष शस्त्र के अनुसार हर व्यक्ति की कुंडली में कुछ विशेष ग्रह योग बने होते हैं जो उसे जन्मभूमि से दूर जाकर कार्य करने, विदेश में नौकरी पाने, मल्टीनेशनल कंपनी से जुड़ने या विदेशी मुद्रा यानी डॉलर, यूरो या दिरहम में कमाई करने का प्रबल और विशेष संकेत देते हैं, लेकिन अधिकांश लोग यह नहीं जानते कि उनकी कुंडली में यह योग है या नहीं, और यदि है तो उसका सही समय कब आता है।

आइये समझते है :-

कुंडली में विदेश योग के लिये सीधा संबंध बारहवें भाव, नवम भाव, तृतीय भाव और दशम भाव से माना गया है, साथ ही राहु, शनि, चंद्र और बृहस्पति जैसे ग्रह इसमें बहुत ही निर्णायक भूमिका में रहते है,यदि कुंडली के बारहवें भाव का संबंध दशम भाव या नवम भाव से बनता है तो व्यक्ति का कार्य क्षेत्र जन्म स्थान से दूर जाकर ही फलता-फूलता है, और यदि इस योग में राहु या शनि जैसे ग्रह शामिल हो जाए तो यह योग विदेश में नौकरी और बड़ी आय का कारण बन जाता है।राहु ग्रह को विदेश, विदेशी संस्कृति, टेक्नोलॉजी, मल्टीनेशनल कंपनियों और अचानक उन्नति का ग्रह माना गया है, इसलिए यदि राहु दशम भाव में, बारहवें भाव में या दशम भाव के स्वामी के साथ बैठा हो तो व्यक्ति को विदेश में नौकरी, आईटी सेक्टर, इंजीनियरिंग, डिजिटल मार्केटिंग, डेटा एनालिटिक्स, ट्रेडिंग या कॉर्पोरेट जॉब के अवसर मिलते हैं।यदि शनि दशम भाव या नवम भाव से जुड़ा हो तो व्यक्ति अधिक लंबे समय तक विदेश में स्थायी नौकरी करता है और धीरे-धीरे उसकी आय डॉलर में बहुत मजबूत होती है।

अब बात करते है चद्रमा की:- कुंडली में चन्द्रमा यदि बारहवें भाव में हो या बारहवें भाव के स्वामी से संबंध बनाए तो व्यक्ति को विदेश यात्रा, विदेशी क्लाइंट और इंटरनेशनल प्रोजेक्ट से लाभ होता है, खासकर होटल, हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर, शिपिंग, एयरलाइन या कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों में। बृहस्पति यदि नवम भाव या दशम भाव से जुड़ा हो और बारहवें भाव पर दृष्टि डाल रहा हो तो व्यक्ति को विदेश में सम्मान, उच्च पद और अच्छी सैलरी मिलती है, और ऐसा व्यक्ति केवल नौकरी ही नहीं बल्कि विदेश में बिजनेस या फ्रीलांस काम से भी डॉलर में कमाई करता है।कुंडली में यदि दशम भाव का स्वामी बारहवें भाव में बैठा हो या बारहवें भाव का स्वामी दशम भाव में हो तो यह बहुत मजबूत विदेश नौकरी योग माना जाता है, खासकर जब उस पर राहु या शनि की कुदृष्टि हो। कई बार व्यक्ति भारत में बहुत मेहनत करता है लेकिन उसको उसकी महेनत का अपेक्षित परिणाम नहीं मिलता है और व्यक्ति हताश और निराश होता है,लेकिन जैसे ही उसके कुंडली के भाव में विदेश जाने का योग मजबूती के साथ सक्रिय होता है, उस व्यक्ति का भाग्य अचानक से बदलने लगता है और उसकी आय कई गुना बढ़ जाती है। इसका कारण यह होता है कि उसकी कुंडली का दशम भाव विदेश से जुड़कर सक्रिय हो जाता है। इसके अलावा यदि नवम भाव यानी भाग्य भाव का स्वामी बारहवें भाव में हो तो व्यक्ति को विदेशी भाग्य प्राप्त होता है और उसका जीवन भारत से बाहर अधिक सफल होता है। कुंडली में विदेश योग

अब हम समझते हैं समय की बात:-

समय का योग होना ही काफी नहीं है, सही दशा और गोचर भी उतने ही जरूरी हैं। जब व्यक्ति की राहु, शनि या बारहवें भाव के स्वामी की महादशा या अंतर्दशा चलती है और उस समय गुरु का गोचर अनुकूल होता है, तब विदेश में नौकरी का सपना वास्तविकता में बदलता है। विशेष रूप से राहु की महादशा में व्यक्ति को अचानक विदेश से ऑफर, वीजा या इंटरव्यू कॉल मिलती है। शनि की दशा में व्यक्ति विदेश में स्थायी नौकरी और लंबी अवधि का कॉन्ट्रैक्ट प्राप्त करता है। गुरु की दशा में सम्मान, प्रमोशन और उच्च आय का योग बनता है। यदि आपकी कुंडली में ये योग मौजूद हैं लेकिन अभी तक विदेश जाने का अवसर नहीं मिला है, तो इसका अर्थ यह नहीं कि योग कमजोर है, बल्कि यह दर्शाता है कि सही समय अभी शुरू नहीं हुआ है। जैसे ही दशा और गोचर सक्रिय होते हैं, वैसे ही अवसर अपने आप सामने आने लगते हैं।

अब हम बात करते है ज्योतिषीय उपाय की जो बहुत प्रभावी माने जाते हैं, जैसे राहु मजबूत करने के लिए शनिवार को नीले वस्त्र का दान करना, शनि के लिए श्रमजीवी लोगों की सहायता और गुरु के लिए पीले वस्त्र या चने का दान, साथ ही नियमित रूप से अपने कर्म और कौशल को बेहतर बनाना, क्योंकि ग्रह योग अवसर देता है लेकिन सफलता व्यक्ति के प्रयास से ही आती है। यदि आप यह जानना चाहते हैं कि आपकी कुंडली में विदेश में नौकरी और डॉलर में कमाई का योग है या नहीं, तो केवल सूर्य राशि देखकर निष्कर्ष निकालना सही नहीं है, इसके लिए पूरी जन्म कुंडली, ग्रहों की स्थिति, दशा और गोचर का विश्लेषण आवश्यक है। बहुत से लोग केवल इसी एक योग के कारण भारत छोड़कर विदेश में न केवल नौकरी करते हैं बल्कि वहां स्थायी रूप से बस जाते हैं और आर्थिक रूप से अत्यंत सफल जीवन जीते हैं। इसलिए यदि आप भी विदेश में काम करने, इंटरनेशनल करियर बनाने और डॉलर में कमाई का सपना देख रहे हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि आपकी कुंडली क्या संकेत दे रही है, क्योंकि सही जानकारी सही दिशा और सही समय पर लिया गया निर्णय आपकी पूरी जिंदगी बदल सकता है। आप भी अपनी कुंडली का मार्गदर्शन हमसे सम्पर्क करके कर सकते है हमसे सम्पर्क करे + 91 9351061536