घर में वास्तु दोष कैसे पता करें? संकेत और उपाय

वास्तु दोष कैसे पता करें यह सवाल हर उस व्यक्ति के मन में आता है जो घर में तनाव, बीमारी या आर्थिक परेशानी महसूस करता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार कुछ संकेतों से घर में दोष की पहचान आसानी से की जा सकती है।

प्रेम, समृद्धि और शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है। अगर घर में बिना कारण झगड़े होते रहते हैं, मन में बेचैनी रहती है, बार-बार तनाव पैदा होता है और किसी भी काम में मन नहीं लगता तो इसे वास्तु दोष का संकेत माना जाता है। परिवार के लोगों की सेहत भी वास्तु बिगड़ने पर प्रभावित होती है, जैसे बार-बार बीमारी, कमजोरी, मानसिक तनाव या दिमागी बोझ बढ़ना इत्यादि। आर्थिक रूप से भी अगर घर में वास्तु दोष होता है तो कमाई होने के बावजूद धन रुका नहीं रहता, किसी कारण से खर्च बढ़ता रहता है या व्यवसाय में नुकसान होता रहता है। इसके अलावा अगर घर के कमरे, रसोई, बाथरूम और मंदिर की दिशा सही नहीं है तो इसका असर दिखाई देता है। उत्तर-पूर्व दिशा अगर भारी सामान से भरी हुई है या उसी दिशा में टॉयलेट आदि है तो घर के सदस्यों का स्वास्थ्य और वित्त दोनों प्रभावित होते हैं। मुख्य दरवाजा गलत दिशा में हो या घर के अंदर गंदगी, नमी, बदबू, दीवारों में सीलन और पानी का रिसाव हो तो ये भी वास्तु दोष के प्रमुख लक्षण माने जाते हैं। बेडरूम में आईना सोते समय सामने दिखे तो व्यक्ति को नींद नहीं आती और तनाव बढ़ता है। घर के अंदर या बाहर सूखा पेड़, कबाड़, टूटी वस्तुएं या अव्यवस्था होने पर भी ऊर्जा रुकती है और मन अशांत रहता है। इस प्रकार से घर में वास्तु दोष का पता केवल दिशाओं से नहीं बल्कि परिवार की स्थिति, मानसिक वातावरण, सेहत और आर्थिक हालात से भी पता चलता है। यदि ये सभी समस्याएँ बार-बार बिना कारण सामने आएं तो समझना चाहिए कि घर में वास्तु दोष मौजूद है और उसका उपाय करना चाहिए।घर में वास्तु दोष होने से परिवार का मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य प्रभावित होता है, जबकि वास्तु सही होने पर प्रेम, समृद्धि और स्वास्थ्य अच्छा रहता है। यदि बिना कारण घर में झगड़े होते रहते हैं, मन में बेचैनी रहती है, बार-बार तनाव पैदा होता है, किसी भी काम में मन नहीं लगता और परिवार के सदस्यों की सेहत बिगड़ने लगे तो यह घर में वास्तु दोष का संकेत माना जाता है। घर में वास्तु बिगड़ने पर लोगों को बार-बार बीमारी, कमजोरी, मानसिक तनाव, नींद न आना और दिमागी बोझ जैसी समस्याएँ बढ़ती हैं। आर्थिक रूप से वास्तु दोष होने पर कमाई होने के बावजूद धन रुका नहीं रहता, खर्च बढ़ता रहता है और कभी-कभी व्यवसाय में भी नुकसान मिलता रहता है। घर के कमरे, रसोई, बाथरूम और मंदिर की दिशा अगर गलत हो तो इसका असर जीवन के हर क्षेत्र पर दिखाई देता है। उत्तर-पूर्व दिशा में भारी सामान, कबाड़ या टॉयलेट होने से स्वास्थ्य और धन दोनों प्रभावित होते हैं। मुख्य द्वार गलत दिशा में हो, घर के अंदर गंदगी, नमी, बदबू, दीवारों में सीलन, पानी का रिसाव हो तो ये भी वास्तु दोष के बड़े संकेत माने जाते हैं। बेडरूम में आईना सोते समय सामने दिखे तो नींद में बाधा आती है और तनाव बढ़ता है। घर के अंदर या बाहर सूखे पेड़, कबाड़, टूटी वस्तुएँ या अव्यवस्था होने से ऊर्जा रुक जाती है और मन अशांत रहता है। कुल मिलाकर घर में वास्तु दोष की पहचान केवल दिशाओं से नहीं बल्कि परिवार की स्थिति, मानसिक वातावरण, सेहत और आर्थिक हालात से भी पता चलती है। यदि ये सभी समस्याएँ बार-बार बिना किसी कारण सामने आएं तो यह स्पष्ट संकेत है कि घर में वास्तु दोष मौजूद है और उसका तुरंत उपाय करना चाहिए। ताकि घर में सुख शान्ति बनी रहें l

Leave a Comment